आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 44 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल का गठन प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं में विशेषीकृत कार्रवाई करने के लिए किया गया था। वर्तमान में एनडीआरएफ में 12 बटालियन हैं जिनमें से प्रत्येक बटालियन में 1149 कार्मिक हैं। ये सभी 12 बटालियनें असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, आंध्र प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। इन बटालियनों को सभी मानव जनित और प्राकृतिक आपदाओं में कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित और सुसज्जित किया गया है।
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आपदा प्रबंधन संबंधी राष्ट्रीय नीति 2009 की धारा 3.4.5 के अनुसार आपदाओं में तुरंत कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकारों से अपने स्वयं के राज्य आपदा मोचन बल का गठन करने की अपेक्षा की गई है।
उपलब्ध सूचना के अनुसार 24 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों ने अपने एसडीआरएफ का गठन कर लिया है। इन एसडीआरएफ को आपदा स्थल पर तत्काल तैनाती के लिए हवाई अड्डों, रेलमार्गों और सड़कों से अच्छी तरह जुड़े उपयुक्त स्थानों पर तैनात किया गया है।
राज्य आपदा मोचन बल का प्रयोग राज्य के भीतर सामुदायिक क्षमता निर्माण और जागरूकता सृजन कार्यक्रमों के लिए भी किया जाता है। इन कार्यक्रमों के दौरान, एसडीआरएफ आपदाओं के दौरान क्या करना चाहिए इस बारे में स्कूली बच्चों, गांवों में स्वयंसेवियों तथा अन्य स्टेकहोल्डर्स सहित समुदाय के साथ मिलिकर काम करने के साथ-साथ आपदाओं के समय तत्काल कार्रवाई करने के लिए वहां के भू-भाग, महत्वपूर्ण भवनों तथा अन्य मौजूदा अवसंरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहां क्लिक करें।